Search Results

Showing results for "kind"

Pertaining Posts

हताशा से एक व्यक्ति बेठ गया था ,

Published on March 17, 2026


हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया मैंने हाथ बढ़ाया मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ मुझे वह नहीं जानता था मेरे हाथ बढ़ाने को जानता था हम दोनों साथ चले दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे साथ चलने को जानते थे।

- Attribution: विनोद कुमार शुक्ल


Comments
The writer Mar 20, 06:43

may God too send someone in your life that knows the importance of your presence

vipul yadav Mar 20, 07:20

Thanks dear 😊