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kash m bhi tere liye ghar bana pata

Published on May 17, 2026


तेरे जाने के बाद, सन्नाटा मेरे कमरे की दीवारों पर उतर आया है। हर खिड़की से झाँकती है तेरी याद, हर दरवाज़ा पूछता है तेरी आहट का राज़। मोहब्बत की नींव तो रखी थी मैंने, पर छत तक पहुँचने से पहले ही तू बिछड़ गई। काश मैं भी तेरे लिए घर बना पाता, जहाँ दीवारों पर तेरी हँसी गूँजती, और आँगन में तेरे कदमों की खनक बसती।

- Attribution: Vipul Yadav


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